- उज्जैन में तपिश का प्रकोप: 40-41°C पर अटका पारा, अगले 4 दिन में और बढ़ेगी गर्मी; स्वास्थ्य विभाग सतर्क, हीट मरीजों के लिए विशेष वार्ड तैयार
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर सख्ती: मुख्य सचिव ने कहा—समय से पहले पूरे हों काम, बारिश से पहले बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करें; मेडिसिटी, सड़क और पुल निर्माण की भी समीक्षा की
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: पंचामृत अभिषेक के बाद रजत चंद्र-त्रिशूल से सजा बाबा का दिव्य रूप, गूंजे जयकारे
- CM मोहन यादव के विजन को रफ्तार: विक्रम विश्वविद्यालय ने शुरू किया अभियान, फार्मा कंपनियों को जोड़ने और स्टूडेंट्स को स्किल्ड बनाने पर फोकस
- सिंहस्थ 2028 की तैयारी तेज: रेल से आने वाले श्रद्धालुओं की व्यवस्था पर फोकस, अधिकारियों ने किया स्टेशनों का निरीक्षण
शराब पीकर गाड़ी न चलाने की हिदायत पर मंत्री ने सवाल उठाया
शराब पीकर गाड़ी नहीं चलाने की पुलिस की हिदायत को मध्यप्रदेश के खेल और युवा कल्याण मंत्री जीतू पटवारी ने विरोधाभासी करार दिया है।
पटवारी ने सोमवार को कहा कि शराब के जिन वैध अहातों में सुबह से लेकर रात तक शराब परोसी जाती है, वे सरकार की अनुमति से ही चल रहे हैं।
पटवारी ने यहां 30वें सड़क सुरक्षा सप्ताह के उद्घाटन समारोह में कहा, मैं देख रहा हूं कि पुलिस ने जगह-जगह बोर्ड लगा रखे हैं कि लोग शराब पीकर वाहन न चलाएं।
लेकिन इसका दूसरा पक्ष देखें तो पता चलता है कि शराब की हर दुकान में कुर्सी पर बैठकर शराब पीने की जगह है। इन जगहों में लोगों को रात 10 बजे तक शराब पिलाई जाती है। फिर यही लोग (नशे में) सड़क पर वाहन चलाते हैं।
उन्होंने कहा, एक तरफ तो सरकार की अनुमति पर चलने वाले शराब के अहाते रात तक खुले रहते हैं, दूसरी तरफ लोगों से कहा जाता है कि वे शराब पीकर गाड़ी न चलाएं।
ये दोनों बातें विरोधाभासी हैं। हमें विचार करना चाहिए कि हम इस स्थिति में किस तरह सुधार कर सकते हैं। मंत्री जब अपने ये विचार प्रकट कर रहे थे, तब मंच पर पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी भी मौजूद थे।
इस दौरान पटवारी ने यातायात पुलिस की कथित रिश्वतखोरी का मुद्दा उठाते हुए कहा, यातायात नियमों का पालन कराते वक्त जो रिश्वतखोरी होती है वह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। अगर इस पहलू को ठीक कर लिया जाए तो पुलिस विभाग का बहुत बड़ा हिस्सा सुधर जाएगा।